क्या आप जानते हैं कि टीम इंडिया सिर्फ ब्लू जर्सी हीं क्यूँ पहनती है?

भारत की कोई भी स्पोर्ट्स टीम चाहे क्रिकेट हो, हॉकी हो या कबड्डी या दूसरा कोई खेल, इन सभी के खिलाड़ी नीली जर्सी पहनते हैं। यहाँ तक की नीली जर्सी पहनने के कारण भारतीय क्रिकेट टीम को दुनिया भर में ‘मैन इन ब्लू’कहा जाता है। लेकिन क्या कभी अपने सोचा है कि भारतीय क्रिकेट टीम या भारत की कोई भी टीम हमेशा नीली जर्सी ही क्यों पहनती है। शायद नहीं? तो आइये जानते हैं भारतीय खिलाड़ियों की नीली जर्सी के पीछे की कहानी।


भारतीय क्रिकेट टीम नीली जर्सी क्यूँ पहनती है?

इसकी शुरूआत क्रिकेट से ही हुई थी। 1970 के दशक में पहली बार आइसीसी ने एक प्रयोग करते हुए क्रिकेट खिलाड़ियों को रंग-बिरंगी जर्सी पहनने की इजाजत दी थी। उससे पहले क्रिकेट में सभी टीमों के खिलाड़ी सफेद जर्सी हीं पहनते थे लेकिन आइसीसी से इजाजत मिलने के बाद पहली बार वर्ल्ड सीरीज टूर्नामेंट के दौरान सभी टीमें रंगीन जर्सी में नजर आई थी। सभी टीमों ने अपना-अपना रंग चुन लिया था लेकिन भारत के लिए नीला रंग चुनना आसान नहीं था।

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दरअसल, भारत का कोई राष्ट्र रंग नहीं है। इसलिए जब भारतीय खिलाड़ियों की जर्सी के रंग के चयन की बात आई तो तिरंगे के केसरिया रंग को चुना गया था। लेकिन ये रंग किसी पार्टी या धर्म से जुड़ा हुआ लग रहा था। इस वजह से इस रंग को चुना नहीं गया। फिर सफेद रंग की बात हुई तो ये रंग भी कई देशों की टीमों का रंग था। ऐसे में भारत को एक अलग रंग की जरुरत थी।

क्या आप जानते हैं कि टीम इंडिया सिर्फ ब्लू जर्सी हीं क्यूँ पहनती है?



केसरिया और सफेद के बाद तिरंगे का हरा रंग बच रहा था लेकिन हरे रंग के लिए भी हामी नहीं भरी गई। क्योंकि ये रंग इस्लामिक देशों के साथ साथ पाकिस्तान की क्रिकेट टीम की जर्सी के लिए चुन लिया गया था। आखिरकार अंत में भारत के पास तिरंगे के अशोक चक्र का नीला रंग बचा, जिसे भारतीय खिलाड़ियों की जर्सी का रंग दिया गया।


तब से भारतीय क्रिकेट टीम नीली जर्सी हीं पहनती है लेकिन स्पॉन्सर के मुताबिक जर्सी का रंग हल्का और गहरा कर दिया जाता है। लेकिन नीला रंग हमेशा जस का तस ही रहता है। बाद में भारत सरकार के खेल मंत्रालय ने भी इसे ऑफिशियल रंग का दर्जा दे दिया जिसके बाद भारत के सभी खेलों के खिलाड़ी भी नीली जर्सी पहनने लगे।



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