जानिये गुरूवार के दिन उपवास करके लडकियां क्या मांगती हैं भगवान विष्णु से

दूर-दराज के देशों में हमारे देश भारत के संस्कृति को ऐसे ही महान नहीं माना जाता है बल्कि इसके पीछे भी बहुत सारी वजहें हैं। बहुत सारे देश हैं जो कि भारत के संस्कृति के आगे नतमस्तक हो जाते हैं। आखिर ऐसा क्यों! इसका कारण है, हमारे संस्कृतियों का और देश की संस्कृतियों की तुलना में ज्यादा संस्कारपूर्ण होना। इन वजहों में से ही एक वजह है हमारे देश की लगभग सभी लड़कियों का युवावस्था में गुरूवार के दिन भगवान वृहस्पति की पूजा करना और उस दिन उपवास और फलाहार करना।

जी हाँ, हालांकि आजकल इसका चलन थोडा-बहुत कम होने लगा है लकिन फिर भी अभी भी आधे से ज्यादा लडकियां अपने युवावस्था में भगवान वृहस्पति की पूजा जरूर करती हैं। यदि संभव हुआ तो वो सिर्फ युवावस्था ही नहीं बल्कि अपने आगे के जीवन में भी ये उपवास रखती हैं। ये बातें आपलोग जरूर जानते होंगे लेकिन इस बात को शायद ही जानते होंगे कि आखिर लडकियां ऐसा क्यों करती हैं? आखिर इस दिन लडकियां भगवान विष्णु से मांगती क्या हैं? तो चलिए, इस बारे में विस्तार से जानते हैं।

1) भगवान से अपने परिवार की ख़ुशी मांगती है.

कोई भी लडकी इस दिन सबसे पहले इसी वजह से उपवास रखती हैं और भगवान विष्णु से अपने परिवार और अपने अभिभावक और अपने भाई-बहनों की ख़ुशी ही मांगती हैं। रियल लाइफ में भले ही वो अपनी बहन से कितना ही झगडा क्यों न करती हों, लेकिन वो कभी भी उसकी बुराई नहीं चाहती और हमेशा ही चाहती है कि घर के अन्य सभी सदस्यों के तरह ही वो भी खुश रहे, भले ही उन सबकी ख़ुशी के बदले उसे खुद कोई तकलीफ क्यों न मिल जाए। लड़कियों के इन्हीं सोच की वजह से सभी देशों में हमारे संस्कृति को सम्मानपूर्ण नजरों से देखा जाता है।

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2) भगवान से अपने लिए एक उचित वर मांगती है.

कोई भी लडकी पहले अपने परिवार की ख़ुशी मांगती है और फिर इसके बाद अपने लिए एक उचित वर। सभी लड़कियों का सपना होता है कि उसे मिलने वाला पति उसके योग्य हो और उसे बहुत प्यार करे। कोई भी लड़कियां ये कभी नहीं चाहती कि उसे नशेडी और लड़कियों का अपमान करने वाला पति मिले।

लेकिन यदि कभी किसी लडकी को दुर्भाग्य से अनुचित वर मिल भी जाता है तो फिर इसके बाद वो भगवान से हमेशा अपने पति की सलामती और उसके सुधर जाने की ही दुआ करती है। साथ ही अपने बाल-बच्चे के लिए भी प्रार्थना करती है, लेकिन शायद ही कोई अपने लिए कोई प्रार्थना करती हो। और ये भी एक वजह है सभी देशों में हमारे संस्कृति के सम्मान करने की।

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3) भगवान से प्राकृतिक आपदा में कमी होने की प्रार्थना करती है.

जब भी कोई प्राकृतिक आपदा घटती है तो इसमें अन्य आपदाओं के मुकाबले बहुत ही जान-माल की क्षति होती है और मामला बहुत ही भयावह हो जाता है। हमारे देश की लडकियां गुरुवार के उपवास के साथ ही और भी दुसरे भगवान के पूजन में भी ये जरूर मांगती है कि जितना हो सके कम-से-कम ऐसी आपदाएं घटित हो और उसमें ज्यादा जान-माल की क्षति न हों। वो सिर्फ अपनी ही नहीं बल्कि पूरे धरती पर मौजूद अपने सभी भाई-बंधुओं की सलामती चाहती हैं।

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4) भगवान से अपने गाँव और देश के तरक्की की प्रार्थना करती है.

ग्रामीण लडकियां जो कि देश का मतलब नहीं समझती हैं वो भी इस दिन वृहस्पति भगवान से अपने गाँव की खुशियाँ जरूर मांगती है और ये प्रार्थना करती हैं कि उसका गाँव सदा ही खुशहाल और विकाशशील रहे। साथ ही वो ये प्रार्थना भी करती हैं कि गाँव के सभी लोगों में आपस में प्यार और भाईचारा बना रहे और दुसरे गाँव से भी उसके गाँव का अच्छा सम्बन्ध रहे। लेकिन जो लडकियां देश का मतलब समझती हैं वो भी यही सब प्रार्थनाएं अपने गाँव के साथ-ही-साथ अपने देश के लिए भी करती हैं।




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