पढिए ताजमहल से जुड़ी 11 फेक बातें, जिन्हे लोग सच मानते हैं

पूरी दुनिया में ताजमहल को प्रेम की निशानी माना जाता है। यही कारण है कि पूरी दुनिया से हर साल लाखों लोग ताजमहल का दीदार करने भारत आते हैं। आगरा में स्थित ताजमहल सिर्फ सैलानियों के लिए ही नही बल्कि दूसरे देशों से आने वाले राष्ट्राध्यक्षों के लिए भी आकर्षण का केन्द्र रहा है। यही कारण है कि जब भी कोई राष्ट्राध्यक्ष भारत दौरे पर आता है तो वो आगरा जरूर जाता है।

ताजमहल के बारे में आम जनमानस में कई तरह की अफवाहें भी फैली हुई हैं जैसे शाहजहां ने ताज बनाने वाले कारीगरों के हाथ कटवा दिए थे, वो काला ताज महल बनवाना चाहते थे या वहां एक गुप्त दरवाजा है इत्यादि। आज हम आपको इन अफवाहों की सच्चाई बताएंगे। आइए जानते हैं ऐसे ही 11 अफवाहें और उनकी सच्चाई।

ताजमहल
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1) ताजमहल दिन में कई बार रंग बदलता है।

सच्चाई: ताजमहल में सफेद संगमरमर लगे होने की वजह से जब ताज पर सूर्य की किरणें पड़ती है तो वह सुबह में सुनहरा और शाम को गुलाबी नजर आता है।

2) ताज में एक गुप्त दरवाजा है जो हमेशा बन्द रहता है।

सच्चाई: शाहजहाँ के शव को दफनाने के लिए जिस रास्ते से ताजमहल लाया गया था वो रास्ता ईंटों से बन्द करवा दिया गया था। अब वहाँ कोई दरवाजा नहीं है।


3) ताजमहल में दफन है मुमताज की ममी।

सच्चाई: ASI यानि Archaeological Survey of India के पास इस बात के कोई सबूत नहीं है कि ताज के अन्दर कोई ममी मौजूद है। इतिहासकारों के अनुसार जब 1631 में मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में मुमताज की मौत हुई थी तब शव को पहले बुराहनपुर और फिर निर्माणाधीन ताज परिसर में दफनाया गया था। इसके बाद जब ताजमहल बन कर तैयार हो गया तो उसके मुख्य समारक में दफनाया गया।

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4) ताज को लेकर एक अफवाह ये भी उड़ाई जाती है कि इसका नक्शा ख्वाब में देखकर बनाया गया था।

सच्चाई: इतिहासकारों के मुताबिक, ताजमहल की डिजाइन के लिए पूरी दुनिया के वास्तुकारों से मदद ली गई थी। लेकिन किसने डिजाइन किया इसके बारे में अभी भी जानकारी नहीं है।


5) शाहजहां काला ताजमहल बनवाना चाहता था।

सच्चाई: ASI के मुताबिक, काला ताजमहल जैसी परिकल्पना कभी अस्तित्व में थी ही नहीं। गाइडों ने जान-बुझकर 1910 से काला ताजमहल की झूठी कहानी गढी।

6) ताजमहल शिव मंदिर तेजो महालय है।

सच्चाई: ASI ने आगरा कोर्ट में जवाब दाखिल कर कहा कि ताजमहल का निर्माण शाहजहां ने कराया था। इसके हिन्दू मंदिर होने का कोई सबूत नहीं मिला है।


7) चांदनी रात में चमकता है ताजमहल।

सच्चाई: ताजमहल को बनाने में पूरे विश्व से 28 अलग-अलग तरह के पत्थर मंगवाए गए थे। इनमे से कुछ पत्थरों की खासियत ये है कि यह चांद की रोशनी में चमकते हैं। यही कारण है कि पूर्णिमा या शरद पूर्णिमा के की रात इन पत्थरों की वजह से ताज खूबसूरत लगता है।

8) शाहजहां और मुमताज की कब्र पर टपकता है पानी।

सच्चाई: उर्स के दौरान भीड़ होती है। ऐसे में ह्यूमिडिटी बढ जाती है जिससे दीवारों पर पानी की बूँदे आ जाती है। वही भीड़ खत्म होने पर बूँदे गायब हो जाती हैं।

9) शाहजहां ने ताजमहल को बनाने वाले 20 हजार कारीगरों के हाथ कटवा दिए थे।

सच्चाई: इतिहासकारों का कहना है कि शाहजहां ने कारीगरों से आजीवन काम न करने का वादा लिया था। इसके बदले में उन्हे जिन्दगी भर सैलरी दिया।


10) मुमताज के शोक में हुई थी शाहजहां की मौत।

सच्चाई: शाहजहां के तीसरे बेटे औरंगजेब ने गद्दी हथियाने के लिए अपने तीनों भाइयों का कत्ल कर दिया और शाहजहां को कैद में डाल दिया। कैद में ही बीमारी के चलते शाहजहां की 74 साल की उम्र में मौत हो गई।

11) ताजमहल को भूत और जिन्न बनने नहीं दे रहे थे।

सच्चाई: ASI के मुताबिक, भूत और जिन्न द्वारा ताज की नींव को नुकसान पहुँचाने जैसी कोई बात कहीं दर्ज नहीं है।

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