क्या सच में नीतीश कुमार ने महागठबंधन को तोड़ा है?

सीबीआई में केस दर्ज होने के लम्बे समय बीत जाने के बावजूद भी जब डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव ने अपने पद से इस्तीफ़ा नहीं दिया तो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए बुधवार, 26 जुलाई को खुद ही अपने पद से इस्तीफ़ा दे दिया और इसके ठीक अगले ही दिन गुरुवार को उन्होंने बीजेपी से समर्थन मिलने के बाद फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ भी ले लिया। इसके साथ ही भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने भी उप-मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लिया। इन दोनों के शपथ लेने के साथ ही बिहार में ऐसा पहली बार हुआ कि मुख्यमंत्री के साथ सिर्फ एक ही नेता ने शपथ लिया हो।

क्या सच में नीतीश कुमार ने लालू यादव के साथ विश्वासघात किया है?

नीतीश के इस्तीफ़ा देने और बीजेपी से मिलकर नई सरकार बनाने के दौरान राजद और कांग्रेस की तरफ से नीतीश के इस कदम की जमकर आलोचना की गयी और उन्हें धोखेबाज भी बताया गया। लेकिन नीतीश कुमार ने एकाएक से कुछ भी नहीं किया, उन्होंने जो भी किया उसके बारे में उन्होंने पहले ही इशारा कर दिया था। उन्होंने लालू यादव को तेजस्वी यादव के इस्तीफे पर फैसला करने के लिए पहले ही 4 दिन का अल्टीमेट दे दिया था जिसके बाद उन्होंने बड़े कदम उठाने की बात भी की थी। लेकिन राजद की तरफ से इस अल्टीमेट को नजरअंदाज कर दिया गया और लालू यादव ने इसे हल्के में ले लिया।

तेजस्वी नीतीश Lalu Prasad Yadav
Image Source :- http://starsunfolded.com/lalu-prasad-yadav-height-weight-age/

नीतीश कुमार ने जिस तरह से अल्टीमेट दिया था, उससे ये बात साफ़ जाहिर थी कि इस मामले में लालू यदि कोई ठोस कदम नहीं उठाते हैं तो नीतीश महागठबंधन को तोड़कर भाजपा में भी जा सकते हैं। लेकिन इतना सब होने के बावजूद भी लालू यादव ने इस मामले में कोई कदम नहीं उठाया और हमेशा ही तेजस्वी के इस्तीफे का विरोध करते रहे। जबकि यदि वे गठबंधन को बचाना चाहते तो नैतिकता के आधार पर तेजस्वी से इस्तीफ़ा भी दिलवा सकते थे और अपने ही दल के किसी नेता को वो पद सौंप सकते थे। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और अपने जिद पर अड़े रहे।

इस न्यूज़ को भी पढ़ें: बिहार में महागठबंधन का टूटना पहले से हीं तय था, जानिए क्यूँ

नतीजा वही हुआ जो होना था। जब तक संभव हुआ नीतीश कुमार ने इस बात को बर्दाश्त किया और जब उन्हें राजद के साथ असहजता महसूस होने लगी और उनके बातों को नजरअंदाज की जाने लगी तो उन्होंने वही किया जिसका इशारा उन्होंने पहले ही कर दिया था। नीतीश ने पहले ही कह दिया था कि वे कोई ठोस कदम उठा सकते हैं और उन्होंने वही ठोस कदम उठाया। इसमें उन्होंने कहीं भी विश्वासघात नहीं किया और वही किया जो उनकी अंतरात्मा ने सही समझा।

  इन न्यूज़ को भी पढ़ें :-

• नीतीश कुमार ने महागठबंधन को दिया तीन तलाक, बीजेपी के साथ बनाएंगे सरकार

• नीतीश कुमार ने कभी नहीं माँगा तेजस्वी यादव का इस्तीफ़ा: लालू यादव



• जीतन राम मांझी ने नीतीश कुमार से की तेजस्वी यादव को पद से हटाने की मांग

• लालू यादव ने सीना तानकर कहा, तेजस्वी नहीं देंगे अपने पद से इस्तीफा

• भाजपा सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने तेजस्वी यादव के इस्तीफे का किया विरोध

loading…


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *