नवरात्रि में करें दुर्गा सप्तशती का पाठ, होगी सारी मनोकामना पूर्ण


नवरात्रि में भक्त माँ दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए कई अलग-अलग तरीकों से पूजा करते हैं। कोई अपने ऊपर हीं कलश रखवाता है तो कोई अपने घर से मंदिर तक लोटते हुए जाता है। इसके अलावा माँ दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ करना भी बहुत फलदायी माना जाता है। इसमें तेरह अध्याय होते हैं। इन अध्यायों को तीन हिस्सों में बांटा गया है।



दुर्गा सप्तशती के अलग-अलग अध्याय के पाठ करने से कई लाभ प्राप्त होते हैं। अगर भक्त नियमित तौर पर प्रतिदिन दुर्गा सप्तशती का पाठ करेंगे तो उनको अवश्य हीं इसका शुभ फल मिलेगा। आइये जानते हैं कि इस पाठ से क्या क्या लाभ मिलता है।

दुर्गा सप्तशती पाठ करने के लाभ

दुर्गा सप्तशती
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1) प्रथम अध्याय का प्रतिदिन पाठ करने से रोजमर्रा की परेशानियों से मुक्ति मिलती है।


2-3) दूसरे और तीसरे अध्याय के पाठ करने से कोर्ट केस एवं विवादों में विजय मिलती है।

4) मां दुर्गा की भक्त‌ि और कृपा प्राप्ति के लिए भक्तों को चतुर्थ अध्याय का नियमित पाठ करना चाहिए।


5) पांचवें अध्याय के पाठ से मां दुर्गा प्रसन्न होती हैं और अपने भक्तों पर असीम कृपा बरसाती हैं और अपने भक्तों की समस्याओं का नाश करती हैं।

6) भय, शंका और ऊपरी बाधा से ग्रसित मनुष्य को इसके निवारण हेतु दुर्गा सप्तशती के छठे अध्याय का पाठ करना चाहिए।

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7)सातवें अध्याय का पाठ करने से विशेष इच्छाएं पूर्ण होती हैं।

8) वशीकरण और मनचाहे जीवनसाथी की प्राप्ति के लिए आठवें अध्याय का पाठ करना चाहिए।

9) खोए हुए व्यक्ति को पाने और संतान सुख के लिए नवम अध्याय फलदायी माना गया है।

10) दसवें अध्याय में शुंभ वध की कथा है। इस अध्याय के पाठ से रोग और दुखों का नाश होता है। इस अध्याय के पाठ से मनोकामनाओं की भी पूर्ति होती है।

11) ग्यारहवें अध्याय का पाठ करने से व्यापार में लाभ और सुख-शांति प्राप्त होती है।

12) बारहवें अध्याय के पाठ से मान-सम्मान और सुख-संपत्ति की प्राप्ति होती है।



13) तेरहवें अध्याय के पाठ से देवी की भक्ति और कृपा मिलती है।

आप सभी को नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएं।

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