#MeToo अभियान क्या है, यहां जाने सबकुछ विस्तार से

मी टू मूवमेंट एक तरह का अंतर्राष्ट्रीय अभियान या आंदोलन है। #MeToo अभियान सोशल मीडिया पर चल रहा है। इसे हैशटैग मी टू मूवमेंट (#MeToo movement) भी कहा जाता है। बहुत से लोगों को पता ही नहीं है कि आखिर इस अभियान का मतलब क्या है। दरअसल ये अभियान हॉलीवुड एक्‍ट्रेस एलिसा मिलानो ने शुरू किया है। #MeToo अभियान के तहत दुनियाभर की महिलाएं अपने साथ हुई यौन शोषण की घटनाओं का खुलासा कर रही हैं।

#MeToo

सोशल मीडिया पर आम और खास सब इस अभियान के तहत अपने साथ हुए यौन उत्पीड़न को लिख रही हैं। इस कैंपेन का मुख्य उद्देश्य महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न खास तौर पर वर्कप्लेस पर यौन उत्पीड़न को दुनिया के सामने लाना था। जिसके बाद कई महिलाओं ने अपने साथ हुई घटनाओं का सोशल मीडिया पर उल्लेख किया है। कुछ प्रश्नों के जरिए आइए जानते हैं मीटू अभियान के बारे में।


MeToo क्या है?

Me Too यानी ‘मैं भी’ या ‘मेरे साथ भी’। यह महिलाओं द्वारा शुरू किया गया एक आंदोलन है जिसमे महिलाओं ने अपने ऊपर होने वाले यौन उत्पीड़न, शोषण और बलात्कार के खिलाफ सोशल मीडिया पर अपनी कहानियां बता रही हैं।


MeToo की शुरुआत कब हुई थी?

#MeToo आंदोलन की असल शुरुआत 2006 में हुई थी, लेकिन इस आंदोलन ने अक्टूबर 2017 में जोर पकड़ा।


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MeToo आंदोलन की शुरुआत किसने की थी?

#MeToo

इस आंदोलन की शुरुआत अमेरिका की सोशल ऐक्टिविस्ट और कम्युनिटी ऑर्गनाइज़र तराना बर्क ने सबसे पहले 2006 में किया था। उन्होंने ‘माइस्पेस’ नाम के सोशल नेटवर्क पर पहली बार #मेटू हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए अपनी कहानी लिखी थी।



यह आंदोलन पहली बार कब ग्लोबल स्तर पर चर्चा में आया था?

जब अमेरिकी एक्ट्रेस एलिसा मिलानो ने 16 अक्टूबर 2017 को ट्वीट करके हॉलीवुड के दिग्गज प्रड्यूसर हार्वी विंस्टन पर यौन हमले और उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इस ट्वीट में उन्होंने पहली बार #MeToo का इस्तेमाल किया था।


भारत में MeToo आंदोलन कब शुरू हुआ था?

भारत में 25 सितंबर 2018 को शुरू हुआ, जब बॉलीवुड एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने एक्टर नाना पाटेकर के खिलाफ यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया।


भारत में MeToo आंदोलन पर कोर्ट में पहली सुनवाई कब हुई?

भारत में इस मामले पर पहली सुनवाई १८ अक्टूबर २०१८ को हुई थी। पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर पर कुछ महिलाओं ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे जिस कारण उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा और मामला कोर्ट में चला गया।


मीटू आंदोलन का मुख्य मकसद क्या है?

इस आंदोलन का मुख्य मकसद महिलाओं द्वारा कार्यस्थल, मार्केट, घर या किसी भी स्थान पर उनके साथ हुए अभद्र व्यवहार के खिलाफ आवाज उठाना है ताकि इससे अपराधियों को सबक मिले और फिर किसी के साथ ऐसी घटना दुबारा न हो।


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