सीबीआई के डर से केजरीवाल के अधिकारियों ने करवाया तबादला, बाहर से लाने की नौबत आई

नई दिल्ली: दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की परेशानियाँ कम होने का नाम नही ले रही हैं। एक तरफ उनके हीं पुराने साथी कपिल मिश्रा ने उनके खिलाफ मोर्चा खोल रखा है तो दूसरी तरफ मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से बड़े अधिकारी अपना तबादला करवाने में लगे हुए हैं। पिछले वर्ष केजरीवाल के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार और उप सचिव तरूण कुमार पर सीबीआई ने भ्रष्टाचार के एक मामले में कार्रवाई की थी जिसके बाद मंत्रालय के दूसरे अधिकारी भी डरे हुए हैं कि कहीं सीबीआई उनसे भी पूछताछ न करे। Kejriwal Officers leave CMO due to CBI Fear

सीएमओ की हालत यह हो गई है कि लगभग दर्जन भर वरिष्ठ अधिकारी वहाँ काम करने से इन्कार कर चुके हैं। जिस तरह से सभी अधिकारी अपना तबादला करवा रहे हैं तो निकट भविष्य में वहाँ कोई वरिष्ठ अधिकारी ही नही रह जाएगा। अगर यही स्थिति रही तो मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल को दूसरे राज्यों से अधिकारियों को लाना पड़ जाएगा या फिर अनुबंध पर निजी व्यक्तियों की नियुक्ति करनी पड़ जाएगी।

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सूत्रों के अनुसार मुख्यमंत्री केजरीवाल ने अपने कार्यालय में काम करने वाले करीब 10-12 अधिकारियों से संपर्क किया लेकिन उन सभी ने विनम्रतापूर्वक पदभार संभालने से मना कर दिया। उन सभी को इस बात का डर है कि सीएमओ में पदभार संभालते हीं सीबीआई की नजर उन पर भी टेढी हो सकती है। अधिकारियों की कमी को देखते हुए अब तो यही लगता है कि मुख्यमंत्री को बाहर से हीं अधिकारियों को बुलाना पड़ेगा।

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सीएमओ के सूत्रों के अनुसार सीएमओ में ओएसडी के पद पर तैनात भारतीय राजस्व सेवा के अधिकारी सुकेश जैन ने भी अपने मूल कैडर मे वापस भेजने के लिए आवेदन दे दिया है। इसके अलावा अतिरिक्त सचिवा गीतिका शर्मा का तबादला कर दिया गया है। एक और अतिरिक्त सचिव दीपक विरमानी ने स्टडी लीव के लिए आवेदन कर रखा है। इन सब परिस्थितियों को देखते हुए ऐसा लग रहा है कि अब कोई भी मुख्यमंत्री कार्यालय में काम नही करना चाह रहा है। दिल्ली को सुचारू रूप से चलाने के लिए केजरीवाल को इस समस्या का समाधान जल्द से जल्द ढूंढना होगा।

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