एंबुलेंस के लिए एस आई ने रोका राष्ट्रपति का काफिला, डिपार्टमेंट ने किया सम्मान


हम सभी के मन में पूलिस वालों की छवि हमेशा से नाकारात्मक रही है। जब भी किसी पुलिस वाले का जिक्र होता है तो ज्यादातर लोग यही कहते हैं कि सब पुलिस वाले एक जैसे होते हैं। अगर बात ट्रैफिक पुलिस की हो तो बहुत लोगों का अनुभव कड़वा भी होगा। लेकिन आज एक ट्रैफिक पुलिस वाले की हिम्मत और सुझ-बुझ का पुरा देश तारीफ कर रहा है। वजह जानकर आप भी तारीफ किए बिना नही रह पाएंगे।


जिस देश में एक छोटे-मोटे मंत्री का काफिला गुजरने पर ट्रैफिक को रोक दिया जाता हो। ऐसे में क्या आप सोच सकते हैं कि कोई राष्ट्रपति का काफिला रोक दे वो भी एक एंबुलेंस के लिए? बहरहाल यह अद्भूत घटना हो चुकी है और इस महान घटना को अंजाम दिया है बेंगलुरु शहर ट्रिनिटी सर्कल पर तैनात सब इंस्पेक्टर एम एल निजलिंगप्पा ने।

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क्या है पूरा मामला?

राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी बंगलुरू में मेट्रो की ग्रीन लाइन का उद्घाटन करने गए थे। उनका काफिला ट्रिनिटी सर्कल के पास से गुजरना था इसलिए वहाँ के ट्रैफिक को रोक दिया गया था। उस ट्रैफिक में एक एंबुलेंस भी फँसा था। जैसे हीं एस आई की नजर एंबुलेंस पर पड़ी तो उसने राष्ट्रपति के काफिले के मूवमेंट होने के बावजूद एक ऐंबुलेंस को ज्यादा तरजीह दी और यह सुनिश्चित किया कि वह ट्रैफिक में न फंसे।

Sub Inspector M L Nijlingappa



इसके लिए उन्होने राष्ट्रपति के काफिले को रोककर एंबुलेंस को निकल जाने दिया। उनके इस कदम का पता चलते हीं पुलिस अफसरों ने उनकी तारीफ की और सोशल मीडिया ने उन्हे सैल्यूट किया। इतना ही नहीं, बेंगलुरु पुलिस ने उन्हे इनाम देने का ऐलान किया है।

बेंगलुरु शहर के डेप्युटी कमिश्नर ऑफ पुलिस-ट्रैफिक ईस्ट डिविजन अभय गोयल ने टि्वटर पर अफसर की तारीफ करते हुए कहा कि “भारत के प्रथम नागरिक के काफिले पर एंबुलेस को तरजीह देने वाले पीएसआई निजलिंगप्पा को इनाम दिया जाएगा लेकिन क्या आप एंबुलेंस को रास्ता देते हैं?”



सच्ची खबर की टीम निजलिंगप्पा को उनके साहसिक फैसले के लिए सैल्यूट करती है।

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